कुछ ख्वाब कुछ अहसास आज भी बाकी है ,
भुले बिसरे लम्हों की वो याद आज भी बाकी है ।
वो लम्हे जो कभी गुजारे थे साथ हमने ,
उन लम्हों को फिर से जीने की हसरत आज भी बाकी है ।
नही हुए वो ख्वाब पुरे जो देखे थे हमने साथ कभी ,
उन ख्वाबों को पूरा करने की जिद आज भी बाकी हैं ।
लिखी थी जो हमने अधूरी कहानी मोहब्बत की ,
उसको पूरा करने की ख़्वाहिश आज भी बाकी है ।
कुछ ख्वाब कुछ अहसास आज भी बाकी है ,
भुले बिसरे लम्हों की वो याद आज भी बाकी है ।
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