शामिल है तू,

शामिल है तू,

मेरे हर एक अलफ़ाज़ और जज्बात में शामिल है तू, अब तू ही बता तेरी यादों को भला किसी और से में बांटू भी तो कैसेIIII।

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मालूम न था

मालूम न था

दिल के अरमानों को ऐसे तोड़ देगी मालूम ना था , मेरे जज्बातों से ऐसे मुंह मोड़ लगी मालूम ना था । एक बार ही सही किया तो होता ऐतबार मुझपर बीच राह में साथ छोड़ देगी मालूम न था ।

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ख़्वाहिश

ख़्वाहिश

जाने क्यों उनके ख्यालों से हमें फुर्सत नहीं होती , चाहे दिन हो या रात उनकी यादें हमसे जुदा नहीं होती । हमने तो कभी सोचा ही नहीं उनकी ख़ुशी के सिवा कुछ और कभी , ओर वो कहते है की जाओ ...

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अजीब सा रिश्ता

अजीब सा रिश्ता

कुछ अजीब सा रिश्ता है तेरे मेरे दरमियान शायद, तभी तो तेरी ख़ामोशी भी पढ़ लेता हूँ मैं । उदास तो तू होती है, ओर आंखें अपनी नम कर लेता हूँ मैं ।

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दिल की बात

दिल की बात

एक बार ही सही नज़रें तो मिलायी होती , दिल में तस्वीर थी हमारी ये बात तो बताई होती । तेरे लिए तो सारे जहा से लड़ लेते हम , दिल की बात दिल में ही रखी जुबां पर तो लायी होती।

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दीवानगी

दीवानगी

दीवानगी इस हद तक जाएगी मालूम ना था, किसी के इश्क में जिंदगी बदल जाएगी मालूम ना था । आते तो थे उन्हें भुलाने के ख्याल इस दिल में , पर उन्हें  भुलाने के ख्याल भर से ही ज़िदगी थम जा...

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पल दो पल का नग्मा

पल दो पल का नग्मा

ज़िंदगी को समझो तो सच , ना समझो तो सपना है । हकीकत है ज़िंदगी , या जैसे कोई कल्पना है । पल में हसाती है ज़िंदगी , तो दूजे ही पल गम दे जाती है ज़िंदगी । ईसीलिये तो शायद, पल दो पल का नग्मा क...

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इजहार-ऐ-मोहब्बत

इजहार-ऐ-मोहब्बत

इजहार-ऐ-मोहब्बत ना की और दिल की बात दिल में ही दबा गए । वो हमारी नज़रों के सामने किसी और के हो गए , ओर एक हम थे जो उनकी ख़ुशी देखकर अपना दर्द भी भुला गए ।

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तेरे ख़याल के सिवा

तेरे ख़याल के सिवा

एक तेरे ख़याल के सिवा किसी और का ख़याल इस दिल में नहीं आया , एक तेरे सिवा इस दिल को कोई और नहीं भाया । वैसे तो मिले है बहुत से शख्स  हमें इस जहाँ में , पर जाने क्यों कोई और तेरे जैसा  ...

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