


तुझको याद करके
तुझको याद करके होठो पर मुस्कान आती है , तूझसे जुदा होने के ख़याल भर से ही ऑंखें नाम हो जाती है । कुछ तो बात है तेरी शख्सियत में ऐसी , जो एक ही पल में तू मुझे हँसा भी जाती है , और रुला भी जाती है ।


लम्हे- लम्हे के साथ
लम्हे- लम्हे के साथ इंतज़ार बढ़ता गया , हर लम्हे के साथ दिल का करार बढ़ता गया । जितना भी चाहा भूलना हमने तुझको , उतना ही तेरे लिए इस दिल में प्यार बढ़ता गया ।


झुकी जो नज़रें
झुकी जो नज़रें कमाल हो गया , जाने कैसे तेरे लिए ये दिल बेकरार हो गया। एक तेरे ही दीदार को ये आंखे तरसी हमेशा , जाने कैसे और कब हमें तुझसे इतना प्यार हो गया ।


धड़कन मेरी
तेरा ख्याल आते ही धड़कन थम जाती है , काश तू एक बार सामने आ जाये , तो फिर से जी ऊठु मैं शायद ।


ख्याल आपका
भूलकर भी आपको भुलाया ना गया , आपकी यादों को इस दिल से मिटाया ना गया । आपने तो कर लिया दूर हमसे खुद को , पर आपको दूर करने का ख्याल हमसे इस दिल में लाया ना गया ।


तमन्ना
हमारी भी तमन्ना थी मुस्कुराने की , हमारी भी तमन्ना थी किसी को अपना बनाने की । हमारी भी तमन्ना तोड़ी उसी ने , जो हुआ करती थी वजय हमरी मुस्कुराने की । अब तो शायद मुस्कुरा भी न पाए कभी , क्योंकि मुस्कुराहट भी तो उसी ने छीनी , जिसकी चाहत थी हमारे सा…


इजहार ऐ मोहब्बत
काश की कर दिया होता हमने भी इजहार ऐ मोहब्बत तुझसे , तो आज हर रोज तुझे यू खवाबों मे देखने की आदत न हुई होती ।।


गुनहगार
तेरी खताओं के लिए खुद को गुनहगार बना लेते है , तू जो हंसती है तो हम भी मुस्कुरा लेते है । अब इस से बढ़कर और क्या बयां करे मोहब्बत को हम अपनी , कि उदास तो तू होती है और आसु हम बहा लेते है ।


बेपनाह मोहब्बत
करते तो है हम आज भी तुझसे बेपनाह मोहब्बत , पर अब हमने अपनी मोहब्बत को जाताना छोड़ दिया । होता हमारी भी मोहब्बत का अंजाम शायद कुछ और ही , पर क्या करे नसीब ने हमारा साथ निभाना छोड़ दिया ।


लबोँ की मुस्कान
लबोँ की तेरे मुस्कान बन जाऊ , तू हो उदास तो मैं भी कैसे मुस्कुराऊ । रोशन हो तू हर नई सुबह की तरह , ओर मैं ढलती हुई शाम बन जाऊ ।
